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Ditwah का कहर: श्रीलंका में 150 से अधिक जिंदगियां लील चुका तूफान, भारत के तटों पर दस्तक देने को तैयार!

नई दिल्ली: श्रीलंका को बर्बाद करने के बाद चक्रवाती तूफान ‘डितवाह’ अब भारत की ओर रफ्तार पकड़ चुका है। मौसम विभाग के मुताबिक, यह तूफान आज (30 नवंबर 2025) किसी भी समय उत्तरी तमिलनाडु, पुडुचेरी और दक्षिणी आंध्र प्रदेश के समुद्री इलाकों से टकरा सकता है। खतरे को भांपते हुए भारत सरकार ने रेड अलर्ट जारी कर दिया है, जबकि एनडीआरएफ की 28 से ज्यादा टीमें पहले से ही संवेदनशील इलाकों में तैनात हैं। पड़ोसी देश श्रीलंका में इस तूफान ने भयानक तबाही मचाई है, जहां 150 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और सैकड़ों लापता बताए जा रहे हैं। बाढ़ और भूस्खलन ने हजारों घरों को नेस्तनाबूद कर दिया है।

श्रीलंका से भारत की ओर धीमी लेकिन खतरनाक चाल

29 नवंबर 2025 की रात करीब 11:30 बजे, डितवाह तूफान दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उसके आसपास के क्षेत्रों में केंद्रित था। इसका केंद्र अक्षांश 10.7° उत्तर और देशांतर 80.6° पूर्व पर स्थित था – वेदारण्यम से महज 90 किमी पूर्व-उत्तर-पूर्व, कराईकल से 90 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व, जाफना (श्रीलंका) से 130 किमी उत्तर-उत्तर-पूर्व, पुडुचेरी से 160 किमी दक्षिण-दक्षिण-पूर्व और चेन्नई से 260 किमी दक्षिण में। पिछले छह घंटों में यह 5 किमी/घंटा की गति से उत्तर दिशा में सरक चुका है। भारत मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, यह तूफान उत्तरी तमिलनाडु-पुडुचेरी तटों के समांतर उत्तर की ओर बढ़ रहा है।

भारत में कब और कैसे मचाएगा कहर?

आईएमडी के अनुमान बताते हैं कि अगले 24 घंटों में डितवाह तूफान उत्तरी तमिलनाडु और पुडुचेरी के तटों के किनारे-किनारे उत्तर दिशा में आगे बढ़ेगा। 30 नवंबर की सुबह तक यह बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में तट से न्यूनतम 50 किमी दूर रहेगा, जबकि शाम तक दूरी घटकर 25 किमी रह जाएगी। इससे जोरदार बारिश, तेज हवाएं (40-50 किमी/घंटा तक) और समुद्री लहरें उठने की चेतावनी है। तमिलनाडु के दक्षिणी तटीय जिलों में पहले से ही भारी बारिश ने फसलों को नुकसान पहुंचाया है, जबकि चेन्नई हवाई अड्डे पर 54 उड़ानें रद्द हो चुकी हैं। स्कूल बंद हैं और रेलवे ने भी विशेष निगरानी शुरू कर दी है। तूफान के असर से दिसंबर के शुरुआती दिनों तक भारी वर्षा जारी रह सकती है।

श्रीलंका में फंसे 300 भारतीयों की चिंता, केरल सरकार ने केंद्र को लिखा पत्र

तूफान की मार से श्रीलंका में हाहाकार मच गया है। कोलंबो के बंधारनायके अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भारी जलभराव और उड़ान रद्द होने से करीब 300 भारतीय यात्री तीन दिनों से फंसे हुए हैं। इनमें ज्यादातर केरल के निवासी हैं, जिनके पास न खाने-पीने की पर्याप्त व्यवस्था है और न ही बुनियादी सुविधाएं। केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर को पत्र लिखकर राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहायता की पेशकश की है। उन्होंने पत्र में कहा, “फंसे यात्रियों की स्थिति चिंताजनक है। हम तुरंत मदद भेजने को तैयार हैं।” भारत ने ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ के तहत श्रीलंका को बड़ी राहत पहुंचाई है – वायुसेना ने सी-130 और आईएल-76 विमानों से 21 टन राहत सामग्री, 80 एनडीआरएफ जवान और 8 टन उपकरण भेजे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रीलंका को और सहायता का भरोसा दिया है।

यह तूफान 2025 के उत्तर हिंद महासागर चक्रवात मौसम का चौथा बड़ा तूफान है, जो 26 नवंबर को श्रीलंका के दक्षिण-पूर्वी तट के पास कम दबाव क्षेत्र से विकसित हुआ। विशेषज्ञों का कहना है कि ऊंचे समुद्री तापमान और कम हवा की गति ने इसे इतना मजबूत बनाया। फिलहाल, भारत में राहत कार्य तेज हैं, लेकिन तटीय इलाकों के निवासियों से अपील है कि वे सुरक्षित स्थानों पर पहुंचें। स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

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