उत्तर प्रदेशबरेली

Bareilly : कब्रिस्तान में दफ्न हुआ शैतान, भारी फोर्स के बीच पत्नी और गांव का प्रधान भी पहुंचा

बरेली। पुलिस मुठभेड़ में ढेर हुए एक लाख रुपये के इनामी कुख्यात डकैत जगत भट्टा गांव भूपखेड़ी थाना टीला मोड गाजियाबाद निवासी इफ्तेकार उर्फ शैतान रविवार सुबह सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। इस बीच भारी फोर्स तैनात रहा।

दरअसल सात अलग-अलग पतों पर पुलिस शैतान उर्फ इफ्तेकार के परिजनों को पुलिस तलाश रही थी। एन्काउंटर के 72 घंटे के बाद उसका सुपुर्द-ए-खाक किया जाना था। लावारिस लाशों का अंतिम संस्कार करने वाले सामाजिक संस्था अवाम-ए-खिदमात कमेटी को शैतान के सुपुर्द-ए-खाक का जिम्मा सौंपा गया था। रविवार तड़के पांच बजे शैतान उर्फ इफ्तेकार को कैंट स्थित कब्रिस्तान में दफ्न किया गया। इस बीच भारी फोर्स और पुलिस के अफसर मौजूद रहे।

शैतान की पत्नी और गांव का प्रधान आया
इससे पहले एसएसपी अनुराग आर्य ने कानपुर नगर, नोएडा, लखनऊ समेत सभी सात जिलों के पुलिस अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी थी। ताकि शैतान के शव को उसके परिजनों के सुपुर्द किया जा सके। मगर कहा जा रहा है कि रविवार को सुपुर्द-ए-खाक के वक्त उसकी पत्नी और गांव का प्रधान भी कब्रिस्तान में मौजूद था। जिनसे पुलिस अब पूछताछ कर रही है।

परिवार को बंधक बनाकर की थी डकैती
बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र के उदयपुर जसरथपुर गांव निवासी किसान केशर खां के घर पर नवंबर 2024 में नकाबपोश बदमाशों ने घर में घुस कर हथियारों के जोर पर परिवार को बंधक बना कर डकैती डाली थी। इस मामले में 4 अक्टूबर को पुलिस ने गांव कुआं डंडा नहर पटरी के पास मुठभेड़ में आदमपुर थाना भोजपुर मुरादाबाद निवासी अफताब उर्फ सैफ और सम्शीपुर थाना मदनापुर शाहजहांपुर के देवेंद्र को गिरफ्तार किया था।

शैतान के अब तक सात पते आए सामने
दोनों से पूछताछ में शैतान की जानकारी मिली थी। शैतान की गिरफ्तारी के लिए एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। गुरुवार सुबह नैनीताल हाईवे किनारे बिलवा पुल के पास डकैत शैतान की घेरा बंदी कर उसे मुठभेड़ में ढेर किया गया था। शैतान पर सात जिलों में हत्या-डकैती समेत 19 आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। शैतान के सात पते मिले थे, जिनमें वाराणसी, कानपुर नगर, गौतमबुद्धनगर, लखनऊ, आगरा समेत गाजियाबाद शामिल हैं। यहां के पुलिस कमिश्नर समेत एसएसपी व एसपी को रिपोर्ट भेजी गई है।

गिरोह गैर जनपद को देता है अधिक प्राथमिकता
छैमार गिरोह के जानकार पुलिस कर्मियों की मानें तो यह गिरोह ज्यादातर दूर दराज के जिलों में डकैती डालने की प्राथमिकता देते हैं। यह अक्सर बैंड पार्टियों में शामिल होकर शादियों के जरिए पहुंच कर रेकी करते हैं। गिरोह के लोग सड़क किनारे बने मकानों और परिवार में कम सदस्य या फिर बुजुर्ग लोगों के रहने जैसे एंगल पर काम करते हैं। मकान चिह्नित होने पर गिरोह डकैती की तैयारी करता है। उसके बाद डकैती करने के साथ हत्या जैसे जघन्य अपराधों को अंजाम देते हैं। यही वजह है कि शैतान हर वारदात के बाद अपना नाम बदलता था। शैतान के खिलाफ सात जिलों में हत्या, लूट, डकैती समेत 19 जघन्य आपराधिक मुकदमे भी दर्ज हैं। जिनमें चार मामलों में इसने डकैती के दौरान गृहस्वामियों की हत्या की थी, इनमें जनपद मेरठ और बरेली में दोहरा हत्याकांड जैसी वारदात शामिल रही हैं।

संबंधित समाचार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button