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क्रांति गोंड जैसी बेटियां हमारे समाज की प्रेरणा : राष्ट्रपति मुर्मू ने मनाया जनजातीय गौरव दिवस, सरकार के कामों की सराहना

अंबिकापुर। जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु गुरुवार को छत्तीसगढ़ सरकार के आमंत्रण पर यहां पहुंचीं, जहां उनका जोरदार स्वागत किया गया। ऐतिहासिक आयोजन में राष्ट्रपति ने राज्य सरकार की जनजातीय उन्नयन और सांस्कृतिक संरक्षण से जुड़ी पहलों की सराहना की और कहा कि छत्तीसगढ़ देश की जनजातीय परंपराओं का महत्वपूर्ण केंद्र है।

मुर्मू ने अपने संबोधन में धरती आबा शहीद बिरसा मुंडा और छत्तीसगढ़ महतारी का स्मरण करते हुए कहा, “जनजातीय समुदायों ने देश की आज़ादी और विकास में अमूल्य योगदान दिया है। उनकी परंपराएँ, संस्कृति और जीवन-मूल्य भारत की आत्मा हैं।” उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति भवन में ‘जनजातीय दर्पण’ नाम से एक नया संग्रहालय स्थापित किया गया है, जो देश की जनजातीय विरासत को संरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

राष्ट्रपति ने आत्मीयता के साथ कहा कि उन्हें गर्व है कि वह एक महिला हैं और अनुसूचित जनजाति समुदाय से आती हैं। इस संदर्भ में उन्होंने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उभरती खिलाड़ी क्रांति गोंड का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “क्रांति गोंड जैसी बेटियाँ हमारे समाज की प्रेरणा हैं, जो बताती हैं कि अवसर मिलने पर आदिवासी युवा हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।”

राष्ट्रपति ने अपने भाषण में वामपंथी उग्रवाद के मुद्दे पर भी ध्यान आकर्षित किया और कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर शांतिपूर्ण और सुरक्षित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए दृढ़ता से कार्य कर रही हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों को राज्य गठन के 25 वर्ष पूरे होने पर बधाई भी दी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्य की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार जनजातीय क्षेत्रों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

वहीं, राज्यपाल रमेन डेका ने अपने संबोधन में कहा, “यह छत्तीसगढ़ के लिए गर्व की बात है कि राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री दोनों अनुसूचित जनजाति समाज से आते हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि अपनी जड़ों से जुड़े रहकर भी नई ऊँचाइयां हासिल की जा सकती हैं।” कार्यक्रम का समापन पारंपरिक उत्सवधर्मिता, जनजातीय सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और राष्ट्रपति के आशीर्वचन के साथ हुआ, जिसने अंबिकापुर में जनजातीय गौरव दिवस को ऐतिहासिक बना दिया।

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