छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी: इटावा में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी यूपी ने घोषित की 50 करोड़ की स्कॉलरशिप

इटावा, 03 फरवरीः इटावा में पहली बार देश की पहली एआई-ऑगमेंटेड मल्टीडिसिप्लिनरी निजी यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश ने अपने स्कॉलरशिप व एडमिशन पोर्टल ‘सीयूसीईटी 2026’ की आधिकारिक शुरुआत करते हुए छात्र-छात्राओं को 50 करोड़ रुपये तक की स्कॉलरशिप देने की घोषणा की। यह पहल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रिसर्च और इनोवेशन आधारित उच्च शिक्षा को अधिक सुलभ बनाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
इस मौके पर आयोजित विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश के डायरेक्टर–आईक्यूएसी, डॉ. ओम प्रकाश द्विवेदी ने बताया कि सीयूसीईटी 2026 स्कॉलरशिप योजना ने अपने पहले ही शैक्षणिक सत्र में प्रभावशाली परिणाम दिए हैं। योजना के तहत अब तक 2,000 से अधिक छात्रों को करोड़ों रुपये की स्कॉलरशिप प्रदान की जा चुकी है, जिससे विभिन्न सामाजिक और शैक्षणिक पृष्ठभूमि से आने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए नई प्रेरणा और आत्मविश्वास मिला है। सीयू यूपी का दीर्घकालिक लक्ष्य उत्तर प्रदेश को एआई आधारित शिक्षा, शोध और तकनीकी इनोवेशन का वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करना है।
यूनिवर्सिटी के इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप फोकस को रेखांकित करते हुए डॉ. ओम प्रकाश द्विवेदी, डायरेक्टर–आईक्यूएसी, सीयू यूपी ने कहा कि ‘कैम्पस टैंक’ और ‘सीयू एआई स्पेस’ जैसी पहलें स्टार्टअप्स और युवा इनोवेटर्स को सीड फंडिंग, इनक्यूबेशन और पेटेंट फाइलिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध करा रही हैं। इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट मिनिस्टर नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ द्वारा लॉन्च किए गए कैम्पस टैंक के माध्यम से अब तक 1,000 से अधिक स्टार्टअप्स को 6 मिलियन अमेरिकी डॉलर की फंडिंग से जोड़ा जा चुका है। उन्होंने बताया कि गवर्नर आनंदीबेन पटेल द्वारा शुरू की गई नारी योजना टेक्नोलॉजी आधारित रिसर्च और इनोवेशन में महिलाओं के लिए नए अवसर सृजित कर रही है।
डॉ. ओम प्रकाश द्विवेदी ने बताया कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश का एआई-एनहैंस्ड स्मार्ट कैंपस लगभग 2,500 करोड़ रुपये के निवेश से विकसित किया गया है, जो क्वालिटी एजुकेशन के साथ एडवांस्ड रिसर्च को भी मजबूती प्रदान कर रहा है। इस एकेडमिक इकोसिस्टम के तहत यूनिवर्सिटी ने 22 मल्टीडिसिप्लिनरी पीएचडी प्रोग्राम शुरू किए हैं, जो एग्रीकल्चर, डेटा एनालिटिक्स, क्वांटम रिसर्च और साइबर सिक्योरिटी जैसे इमर्जिंग क्षेत्रों में रिसर्च को नई गति देंगे।





