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25th International Conference of Chief Justices: 52 देशों के प्रतिनिधि पहुंचे लखनऊ, मुख्यमंत्री ने किया कार्यक्रम का उद्घाटन, कहा- भारत पूरी दुनिया को एक परिवार मानता है

  • उपमुख्यमंत्री ने 52 देशों से पधारे अतिथियों का किया स्वागत, न्यायविदों व कानूनविदों ने आगरा में ताजमहल का किया दीदार

लखनऊ। सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज सुबह 9 बजे सीएमएस कानपुर रोड ऑडिटोरियम में उद्घाटन किया। उद्घाटन सत्र के बाद न्यायविदों की परिचर्चा प्रारंभ होगी। सायंकालीन सत्र में रंगारंग सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा, जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि और मेयर सुषमा खर्कवाल विशिष्ट अतिथि शमिल हुए।

मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने कहा कि भारत हजारों वर्षों से पूरी दुनिया को एक परिवार के रूप में मानता रहा है। योगी आदित्‍यनाथ ने यहां सिटी मांटेसरी स्कूल (सीएमएस) के तत्वावधान में आयोजित विश्व के प्रधान न्यायाधीशों एवं न्यायाधीशों के सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में ”वसुधैव कुटुंबकम” का उद्घोष करते हुए कहा कि ”भारत हजारों वर्षों से पूरी दुनिया को एक परिवार के रूप में मानता रहा है।”

उत्तर प्रदेश की राजधानी में अतिथियों के आगमन पर राज्य सरकार और यहां के लोगों की ओर से उनका स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए योगी ने कहा, ”यह भारत की न केवल एक भावना रही है, बल्कि दुनिया का कोई मत, मजहब या संप्रदाय नहीं, जिसे उसके संकट के समय में भारत ने शरण न दी हो, भारत ने उसे आगे बढ़ने और उसके संरक्षण में अपना योगदान न दिया हो।” योगी ने कहा, ”आज के इस अवसर पर जब हम दुनिया भर से जुड़े न्यायविदों के सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में यहां पर उपस्थित हुए हैं तो इस अवसर पर सीएमएस लखनऊ के संस्थापक डॉक्टर जगदीश गांधी की स्मृतियों को नमन करता हूं, उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।’’

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘उन्‍होंने ही वैश्विक एकता, शांति और न्याय के लिए मुख्‍य न्यायाधीशों के अन्‍तर्राष्‍ट्रीय सम्‍मेलन की शुरुआत की।” योगी ने कहा, ”हमें इस बात को कभी विस्मृत नहीं करना चाहिए कि वास्तव में दुनिया की समस्‍या क्‍या है और कहीं न कहीं जब हम इसके तह में जाते हैं तो लगता है कि एक दूसरे के बीच में ‘‘संवाद’’ नहीं है या किन्हीं कारणों से स्वयं के वर्चस्व को स्थापित करने के लिए इसे बाधित किया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘यह सम्‍मेलन वास्तव में दुनिया भर की मानवता के लिए संवाद का एक माध्‍यम है, उन लोगों के लिए जिन लोगों ने अपना स्वयं का वर्चस्व स्थापित करने के लिए दुनिया में अशांति और अराजकता का वातावरण बनाने का प्रयास किया है।”

उन्‍होंने कहा, ”दुनिया में जहां अशांति है, जहां पर अराजकता है, जहां वर्चस्व को लेकर एक दूसरे के संप्रभुता को हड़पने की होड़ हो, वहां पर शिक्षा, वहां पर विकास अपने आप में बेमानी सी दिखती है और उन स्थितियों में हम सबको विचार करना चाहिए कि कैसे इन समस्याओं के समाधान के लिए हर एक स्तर पर प्रयास किये जाने की जरूरत है, हम भी उसमें सहभागी बन सकते हैं

सीएमएस में आयोजित अंतरराष्ट्रीय न्यायाधीशों के सम्मेलन से पूर्व 52 देशों से आए विदेशी मेहमानों ने आगरा स्थित ताजमहल का भ्रमण किया। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने विभिन्न देशों से आए 160 से अधिक राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, संसद अध्यक्ष, मुख्य न्यायाधीश, न्यायाधीश एवं कानूनविदों का लखनऊ में स्वागत किया। सीएमएस में आयोजित ‘विश्व के मुख्य न्यायाधीशों के 26वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन’ में प्रतिभाग करने देर शाम सभी अतिथि लखनऊ पहुंचे।

विदेशी मेहमानों के स्वागत में राजाजीपुरम प्रथम कैंपस में डांडिया नाइट का आयोजन किया गया। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि लखनऊ की विरासत अमन, चैन और सुख-शांति की रही है। दुनिया भर से आए न्यायविद जब एकता और शांति का संदेश विश्व को देंगे, तो यह लखनऊवासियों के लिए गर्व का विषय होगा।

इन अतिथियों का हुआ लखनऊ आगमन

क्रोएशिया के पूर्व राष्ट्रपति स्टीपन मेसिक, लेसोथो के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. पकालिथा बी. मोसिलिली, घाना की संसद के सभापति अल्बन किंग्सफोर्ड सुमाना बैगबीन, एंटीगुआ और बरबूडा संसद के अध्यक्ष आस्बर्ट आर. फ्रेडरिक समेत कई देशों के मुख्य न्यायाधीश और न्यायाधीश प्रमुख रूप से शामिल रहे।

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