उत्तर प्रदेशबड़ी खबरलखनऊ

लखनऊ में राजनाथ और सीएम योगी ने किया वीरांगना ऊदा देवी की प्रतिमा का अनावरण, कहा- यह हर हिंदुस्तानी के लिए प्रेरणा

लखनऊ। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को राज्य की राजधानी लखनऊ में वीरांगना ऊदा देवी पासी की प्रतिमा का अनावरण किया। दोनों नेताओं ने यहां सेक्टर-19 वृंदावन कॉलोनी, पासी चौराहे पर एक समारोह में ऊदा देवी की प्रतिमा का अनावरण किया।

शौर्य, त्याग व बलिदान की प्रतिमूर्ति वीरांगना ऊदा देवी पासी का रविवार को बलिदान दिवस है। वीरांगना ऊदा देवी पासी ने 1857 के प्रथम भारतीय स्वाधीनता संग्राम में अपने अदम्य साहस व पराक्रम से 36 अंग्रेज सैनिकों को मौत के घाट उतारकर वीरगति का वरण किया था। इस मौके पर उत्तर प्रदेश के उप मुख्‍यमंत्री ब्रजेश पाठक समेत कई प्रमुख लोग मौजूद रहे।

इससे पहले सीएम योगी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, ”स्वाधीनता संग्राम की अमर वीरांगना, अदम्य साहस और पराक्रम की प्रतीक ऊदा देवी के बलिदान दिवस पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि! राष्ट्र की स्वतंत्रता हेतु उनका शौर्यपूर्ण बलिदानी जीवन युगों तक देशभक्ति और मातृभूमि के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता रहेगा”।

वीरांगना ऊदा देवी हर हिंदुस्‍तानी के लिए प्रेरणा हैं : योगी आदित्यनाथ 

वीरांगना ऊदा देवी पासी की प्रतिमा का अनावरण और स्वाभिमान समारोह का उद्घाटन करने के बाद सीएम योगी ने कहा, ”नारी और वंचित का सम्मान ‘डबल इंजन’ सरकार का मुख्य ध्येय है और वीरांगना ऊदा देवी हमें याद दिलाती हैं कि नारी शक्ति कितनी सामर्थ्यवान है।”

उन्‍होंने कहा, ”वीरांगना ऊदा देवी न केवल नारी जाति के लिए बल्कि हर हिंदुस्‍तानी के लिए एक प्रेरणा हैं। इसलिए इस अवसर पर मैं उनकी स्मृतियों को नमन करता हूं। उन्‍होंने विदेशी हुकूमत की चूलों को हिलाने और अत्याचार का जवाब देने के लिए 16 नवंबर 1857 को उन्‍होंने 36 अंग्रेज सैनिकों को ढेर कर दिया। उनका नाम भारत के इतिहास में अमर हो गया।”

योगी ने कहा कि ”वीरांगना ऊदा देवी का बलिदान हमें यह प्रेरणा देता है।” मुख्यमंत्री ने कहा कि ”प्रदेश सरकार ने भारत माता के हर सपूत को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया है। अगर आप बेसिक शिक्षा परिषद की पुस्तकों को देखें तो एक अतिरिक्त पुस्तक जिला, क्षेत्र और प्रदेश स्तर पर उपलब्ध कराई गई है, ताकि वर्तमान पीढ़ी अपने इतिहास को जान सके।”

मुख्यमंत्री ने कहा, ”मुझे बताते हुए प्रसन्नता है कि हमारी सरकार ने तीन नई पीएसी की महिला बटालियन गठित की और तीनों को 1857 की महान वीरांगनाओं के नाम पर रखा।” योगी ने कहा, ”लखनऊ में स्थापित बटालियन का नाम वीरांगना ऊदा देवी के नाम पर ही रखा गया है। वहां पर हमारी सरकार उनके आदमकद प्रतिमा की स्थापना का कार्य कर रही है। गोरखपुर में जो महिला बटालियन गठित हो रही है, उसको वीरांगना झलकारी बाई कोरी के नाम पर और बदायूं में जो बटालियन गठित हो रही है उसे वीरांगना अवंती बाई लोधी के नाम पर रखा गया है।”

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ”इन वीरांगनाओं ने आजादी की लड़ाई में अंग्रेजों के सामने अपने शौर्य से उन्‍हें धूल चटाने का कार्य किया। क्रांति की हुंकार भरने के कारण विदेशी हुकूमत ने उन्हें समाज की मुख्यधारा से काटने के लिए अलग-थलग कर दिया। परिणाम यह हुआ कि समाज की मुख्यधारा से कटी कोई भी जाति पिछड़ जाती है और यही स्थिति पासी समाज और अनुसूचित समाज के साथ हुआ। आज ‘डबल इंजन’ की सरकार इस दिशा में बेहतर पहल कर रही है।”

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘लखनऊ में हमारी सरकार के द्वारा बाबा साहब डॉक्टर भीमराव आंबेडकर का एक स्मारक और सांस्‍कृतिक केन्‍द्र के निर्माण का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है जिसमें अनुसूचित जाति से जुड़े हुए छात्रों को शोध करने के साथ-साथ उच्‍च शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति की व्यवस्था करने जा रहे हैं।”

उन्‍होंने कहा कि ”62 जिलों में 109 सर्वोदय विद्यालय की स्थापना का कार्य या संपन्न हो चुका है या कार्य मजबूती से आगे बढ़ रहा है। यहां आश्रम पद्धति के अनुरूप छात्र-छात्राओं को रहने की व्यवस्था है। 18 आवासीय विद्यालय श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृतियों को जीवंत बनाए रखने के लिए मंडल मुख्यालयों पर निर्माण किया गया है।’’

उन्‍होंने कहा कि राज्य सरकार ने दो लाख 19 हजार पुलिसकर्मी की भर्ती आठ वर्ष में की और अनिवार्य रूप से 20 प्रतिशत महिलाओं की भर्ती अनिवार्य की। उप मुख्‍यमंत्री ब्रजेश पाठक, केन्द्रीय ग्रामीण राज्‍य मंत्री कमलेश पासवान, विधान परिषद सदस्य रामचंद्र प्रधान ने भी समारोह को संबोधित किया। पासवान ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से पासी समाज का इतिहास पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग भी की।

वीरांगना ऊदा देवी का राष्ट्र प्रेम अनंतकाल तक भारत के प्रेरणा देता रहेगा : राजनाथ सिंह 

लखनऊ। वीरांगना ऊदा देवी पासी की प्रतिमा का अनावरण और स्वाभिमान समारोह का उद्घाटन करने के बाद बतौर मुख्य अतिथि अपने संबोधन में राजनाथ सिंह ने कहा कि कहा, ”भारत की नारी शक्ति स्वदेश और स्वधर्म की रक्षा के लिए कभी भी किसी से पीछे नहीं रहीं। आज सैनिक स्कूल के दरवाजे भी लड़कियों के लिए खोल दिए गए हैं।” उन्‍होंने कहा, ”भारतीय महिलाएं सियाचिन से लेकर समंदर की गहराइयों तक देश की सुरक्षा चक्र को और अधिक मजबूत कर रही हैं।”

ऑपरेशन सिंदूर की याद दिलाते हुए सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान महिला पायलटों और महिला सैनिकों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। उन्‍होंने कहा कि ऊदा देवी को एक नेतृत्व के रूप में याद किया जाना चाहिए जिन्‍होंने दलित महिलाओं को अन्याय के खिलाफ लड़ने के लिए एकजुट किया। उन्होंने कहा, ‘‘मैं निसंकोच कह सकता हूं कि भारत की आन-बान-शान के लिए हर बेटी ऊदा देवी बन सकती है।’’

रक्षा मंत्री सिंह ने कहा, ‘‘ऊदा देवी ने अकेले ही 36 ब्रिटिश सैनिकों को मार दिया। इतना ही नहीं, जब कोई भारत की ओर आंख उठाकर देखेगा तो भारत की बेटी उसका डटकर मुकाबला कर सकती है, यह प्रेरणा भी वीरांगना ऊदा देवी पासी ने दी।’’

राजनाथ सिंह ने उनके पराक्रम की कहानी सुनाते हुए कहा कि जब अंग्रेज की एक बटालियन से लड़ते हुए ऊदा देवी शहीद हुईं तो उनके मृत शरीर को देखकर ब्रिटिश अधिकारियों ने झुक कर उनके प्रति सम्मान प्रकट किया था। उन्होंने कहा कि उस समय के अंग्रेज अधिकारी ने अपना हैट उतारकर वीरांगना को सैल्यूट किया था, यह इतिहास के पन्‍नों में अंकित है।

संबंधित समाचार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button