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सीएम योगी बोले – दिवाली पर उनकी मदद कीजिये, जो नहीं खरीद सकते दीये और मिठाई

अयोध्या। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लोगों से अपील की कि वे दिवाली पर उन लोगों की मदद करें जो दीप जलाने या मिठाइयां खरीदने में असमर्थ हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अयोध्या के अभिरामदास वार्ड में निषाद समुदाय की एक कॉलोनी का दौरा करते हुए आदित्यनाथ ने कहा, “जब भगवान राम (माता सीता और भगवान लक्ष्मण के साथ) वनवास के लिए जा रहे थे, तब निषादराज पहले व्यक्ति थे जिन्होंने भगवान राम की सहायता की।
वह पहले ऐसे व्यक्ति थे जिनसे भगवान राम की मित्रता हुई। यह मित्रता त्रेतायुग से आज तक जारी है।”

निषाद समुदाय को अत्यंत पिछड़ी जाति (ईसीबी) माना जाता है। इस समुदाय का मानना है कि इसकी वंशावली निषादराज से जुड़ी है, जिन्हें रामायण में भगवान राम को सरयू नदी पार करने में मदद करने वाला बताया गया है। आदित्यनाथ ने कहा कि इस “त्रेतायुग की स्मृति को आगे बढ़ाने” के लिए भव्य दीपोत्सव का आयोजन किया गया है। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के लोगों से अपने-अपने घरों में दीप चलाने की अपील की।

उन्होंने कहा, “यदि कोई व्यक्ति किसी कारणवश दीप नहीं जला पाता है, तो उसकी मदद करें।” उन्होंने यहां संतों से भेंट भी की और उन्हें दिवाली की शुभकामनाएं दीं। आदित्यनाथ ने विभिन्न अखाड़ों और मठों में पहुंचकर संतों का हालचाल जाना और दिवाली पर उपहार भेंट किया। वह सबसे पहले दिगंबर अखाड़े पहुंचे, जहां उन्होंने महंत सुरेश दास से मुलाकात की। इस दौरान दोनों के बीच प्रदेश और समाज से जुड़े विषयों पर चर्चा भी हुई।

एक बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री बड़ा भक्त महल भी पहुंचे, जहां उन्होंने महंत कौशल किशोर दास महाराज से मुलाकात की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास से मिलने मणिराम दास छावनी भी पहुंचे। न्होंने दास के स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनके दीर्घायु होने की कामना की। इस बीच, अधिकारियों ने बताया कि रविवार शाम को अयोध्या में दीपोत्सव 2025 के तहत 26,17,215 दीपों से अयोध्या नगरी जगमगा उठी।

देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं ने पूरे शहर में “श्री राम, जय राम, जय जय राम” के मंत्रों से माहौल गुंजायमान कर दिया। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, उत्तर प्रदेश ने दो नए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए: एक, पूरे शहर में 26,17,215 दीप जलाने का, और दूसरा, 2,128 वैदिक विद्वानों, पुरोहितों व साधकों द्वारा एक साथ सरयू आरती करने का। बयान में कहा गया है कि दोनों उपलब्धियों की पुष्टि ड्रोन के जरिए की गई और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के प्रतिनिधियों ने इसे प्रमाणित किया।

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